हरियाणा में प्लास्टिक कचरे से बनेंगी गांवों में सड़कें

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जल्द ही हरियाणा के गांवों में वेस्ट प्लास्टिक की सड़कें बनाई जाएंगी। स्वच्छ भारत मिशन और एनजीओ (सस्टनेबिलिटी विजन फाउंडेशन ट्रस्ट) के सहयोग से हजारों वर्षों तक न गलने वाले वेस्ट प्लास्टिक को अब सड़कें बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।

इसके पहले चरण के लिए हरियाणा के तीन जिलों, रोहतक, सोनीपत और झज्जर में ग्रामीण क्षेत्रों को चुना गया है।

प्लास्टिक की सड़कें बनाने के लिए रोहतक, सोनीपत और झज्जर के गांवों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को सस्टनेबिलिटी विजन फाउंडेशन ट्रस्ट (NGO) की ओर से गांवों में रिक्शा भेजकर प्लास्टिक कचरें को एकत्रित किया जाएगा।

यह प्लास्टिक दो रुपये प्रति कि. ग्रा. की दर से खरीदा जाएगा तथा किए गए समझौते के तहत हरियाणा स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआरडीसी) की ओर से इस प्लास्टिक को सड़कें बनाने में चारकोल के साथ प्रयोग में लिया जाएगा।

बेंगलुरु, इंदौर और पश्चिम बंगाल के बाद इस तरह की योजना को हरियाणा प्रदेश में लागू किया जा रहा है। अभी तक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और संबंधित एनजीओ के मार्फत तीन जिलों के गांवों को छंटनी कर इनमें काम भी शुरू कर दिया है।

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