हरियाणा बजट : 2019-2020

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25 फरवरी 2019 को, हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु हरियाणा के लिए 2019-20 का बजट पेश किया है। यह बजट मनोहर लाल खट्टर सरकार के कार्यकाल का आखिरी बजट है। इस बार 1 लाख 32,165.99 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है।

कैप्टन अभिमन्यु ने कौटिल्य के अर्थशास्त्र के उदाहरण से अपना बजट अभिभाषण शुरू किया था। उन्होंने कहा, ‘प्रजा सुखे सुखं राजः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं प्रियं राजः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्।’

जिसका अर्थ है – प्रजा के सुख में सरकार का सुख है, प्रजा के हित में सरकार का हित है, प्रजा को जो प्रिय है, वही सरकार को प्रिय है।

जाने किस विभाग के लिए कितना बजट प्रस्तावित किया गया है –

नीचे विभिन्न विभागों के लिए घोषित बजट व 2018-19 के मुक़ाबले वृद्धि आदि के जानकारी दी गई है। यह जानकारी हरियाणा से संबन्धित आगामी परीक्षाओं में अति-महत्वपूर्ण होगी। अति सरल-तरीके से व महवपूर्ण बिन्दुओं के बारें में बताया गया है।

कृषि और संबद्ध क्षेत्र –

  • कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए 3834.33 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है।
  • कृषि क्षेत्र के लिए – 2210.51 करोड़ रुपए
  • पशुपालन के लिए – 1026.68 करोड़ रुपए
  • बागवानी के लिए – 523.88 करोड़ रुपए
  • मत्स्यपालन के लिए – 73.26 करोड़ रुपए
  • बायोगैस ऊर्जा परियोजना को बढ़ावा देने के लिए जैव ऊर्जा नीति-2018 को 2022 तक 150 मैगावाट तक ले जाने का लक्ष्य है।
  • 2019-20 में 52 राजकीय पशु चिकित्सा अस्पतालों और 115 पशु औषधालयों के निर्माण का प्रस्ताव हैं।
  • किसानों की सिंचाई जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा पम्प प्रणालिया शुरू की गई है। इसके दूसरे चरण वर्ष 2019-20 में 35000 पम्प लगाए जाएंगे। ( प्रथम चरण 2018-19 में 15000), इसके तहत 75% सबसिडी होगी व 25% उपयोगकर्ता द्वारा वहाँ की जाएगी।
  • वर्ष 2019-20 के अंत तक मछ्ली पालन के अधीन क्षेत्र को 20 हजार बढ़ाकर 21 हजार हेक्टेयर किया जाएगा। व मछ्ली उत्पादन को 2.28 से 2.41 लाख मीट्रिक टन व प्रति हेक्टेयर 11 हजार किलोग्राम का लक्ष्य है।
  • जनवरी 2019 के अंतिम सप्ताह में पहली बार ‘हर पशु का ज्ञान’ अप्प पर डिजिटल रूप से पशुओं की 20वीं गणना की गई।
  • इस बार बजट में पीएम किसान सम्मान निधि की तर्ज पर किसान पेंशन और अन्य योजनाओं के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इससे 15 हजार मासिक से कम आय वाले और पांच एकड़ तक की भूमि के किसान परिवारों को लाभ होगा।

सहकारिता के लिए –

  • सहकारिता के लिए – 1396.21 करोड़ रुपए
  • वर्ष 2020-21 तक 750 करोड़ रुपए की लागत से शाहबाद चीनी मिल में 60 केएलपीडी का एथनाल प्लांट लगाने व चीनी मिल पानीपत और करनाल का आधुनिकीकरण करने का प्रस्ताव है।
  • दुग्ध के संग्रहण में और अधिक पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए सरकार ने ग्राम स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों को, ‘दुग्ध सहकारिताओ को सहायता’ स्कीम के तहत 700 औटोमटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट्स/ डाटा प्रोसेसर मिल्क कलेक्शन यूनिट्स से जोड़ा है।

राजस्व एवं आपदा के लिए –

  • राजस्व एवं आपदा के लिए42 करोड़ रुपए (43.5 % वृद्धि)
  • नंबरदारों के वेतनमान को 1500 से बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमह करने व एक मोबाइल फोन देने का निर्णय है।
  • 2018 के दौरान खरीब-2018 को अनुग्रह राहत देने के लिए लिए निर्णय लिया गया है, जिनकी भूमि जलभराव के कारण बुवाई नही हो सकी।

स्वास्थ्य के लिए –

  • स्वास्थ्य के लिए – 5040 करोड़ रुपए (12.3 % की वृद्धि)
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए – 3126.54 करोड़ रुपए
  • आयुष के लिए – 337.20 करोड़ रुपए
  • कर्मचारी राज्य बीमा स्वास्थ्य देखभाल के लिए – 172.49 करोड़ रुपये
  • खाद्य एवं औषध प्रशासन के लिए – 45.67 करोड़ रुपए
  • वर्ष 2018 में देशभर में ‘आयुष्मान भारत’ स्कीम के तहत क्लेम की अदायगी करने वाला देश का प्रथम राज्य हरियाणा बना। इसके तहत 15 फरवरी 2019 तक 4596 क्लेम में 6.96 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई और 5.60 लाख रिकार्ड्स सृजित किए गए।
  • हरियाणा सरकार 63 अस्पतालों, 125 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 509 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो, व 2636 उप-स्वास्थ्य केन्द्रों, 7 ट्रामा सेंटर, 3 बर्न केयर यूनिट्स और 57 शहरी औषधालयों/ पोलिक्लिनिक्स के विशाल नेटवर्क से नागरिकों को गुणवततापूर्वक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाता है।
  • करनाल के गाँव कुटेल में 500 बैड के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विषविद्यालय स्थापित किया जा रहा है, जिसमें 50 बैड का ट्रामा सेंटर शामिल है।
  • केंद्र सरकार ने रेवाड़ी में 22वां एम्स स्थापित करने की घोषणा की है।
  • फरवरी 2019 में झज्जर के गाँव बाढ़सा में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान शुरू किया गया है।

शिक्षा के लिए (मौलिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा)  –

  • मौलिक शिक्षा के लिए कुल 12,307.46 करोड़ रुपए (9.3 % की वृद्धि)
  • उच्च शिक्षा के लिए – 2.076.68 करोड़ रुपए (17.1% की वृद्धि)
  • तकनीकी शिक्षा के लिए – 512.72 करोड़ रुपए (10.1% की वृद्धि)
  • स्कूल जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक की लड़कियों को नि:शुल्क परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए एक योजना शुरू की थी जिसके तहत लगभग 22,000 छात्राएँ लाभान्वित है।
  • वर्ष 2018-19 में राज्य द्वारा 2 नए विश्वविद्यालय आईआईएलएम यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम व महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विषविद्यालय, कैथल स्थापित किए गए।

खेल एवं युवा मामले –

  • खेल एवं युवा मामले के लिए – 401.17 करोड़ रुपए (13.9% की वृद्धि)
  • खेलों इंडिया यूथ गेम्स में हरियाणा ने 178 पदक जीतकर द्वितीय स्थान हासिल किया।
  • एशियन गेम्स-2018 में भारत ने 69 पदक जीतें, जिनमें से हरियाणा के 17 पदक हैं।
  • राष्ट्रमण्डल खेल-2018 में भारत ने 66 पदक जीतें, जिनमें से 22 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए हैं।
  • वर्तमान सरकार ने 8601 खिलाड़ियों को 213.16 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी।
  • राई में खेल विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है जहां अंर्राष्ट्रीय स्तर का खेल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित होगा और यह खेल से संबन्धित पाठ्यक्रमों और खेल अनुसंधान की जरूरतें पूरा करेगा।
  • जमीनी स्तर पर बच्चों में खेल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में खेल नर्सरीयां खोलने का निर्णय लिया है। वर्तमान में 190 खेल नर्सरीयां कार्यरत है।

कौशल विकास एवं औधोगिक प्रशिक्षण, रोजगार व श्रम  –

  • कौशल विकास एवं औधोगिक प्रशिक्षण के लिए – 680.6 करोड़ रुपए (24.1% की वृद्धि)
  • रोजगार विभाग के लिए – 365.20 करोड़ रुपए (51.3% वृद्धि)
  • श्रम विभाग के लिए – 58.57 करोड़ रुपये
  • वर्ष 2018-19 में प्रशिक्षुता अधिनियम- 1961 के तहत सरकारी विभागों व बोर्डों और निगमों में 3579 कार्यालयों को प्रशिक्षुता पोर्टल पर पंजीकृत किया गया। जिसमें 20,058 प्रशिक्षु नियोजित हुए है। इस संबंध में हरियाणा का देश में प्रथम स्थान है।
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0 के तहत 16,152 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया है जिसमें पूरे भारत में हरियाणा का पाँचवाँ स्थान है।
  • सक्षम युवा योजना के लिए शिक्षित युवा भत्ता और मानदेय योजना -2016 के तहत, वर्ष 2018 में 69336 आवेदन स्वीकृत हुए व बेरोजगारी भत्ते के रूप में 188.63 करोड़ रुपए और मानदेय के रूप में 130.69 करोड़ रुपए वितरित किए गए।

सिंचाई एवं जल संसाधन  –

  • सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के लिए – 3,324.51 करोड़ रुपए (6.2%)
  • ‘हर खेत को पानी’ के विजन को साकार करने के लिए कच्चे नालों को कल्चरेबल कमांड एरिया (सीसीए) के 24 फूट प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40 फुट प्रति एकड़ किया है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी –

  • जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के लिए – 3,605.32 करोड़ रुपए

बिजली, नव एवं नव नवीनीकरण ऊर्जा –

  • बिजली विभाग के लिए – 12988.61 करोड़ रुपए
  • नव नवीनीकरण ऊर्जा विभाग के लिए – 475.91 करोड़ रुपए

लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें ), वस्तुकला –

  • लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के लिए – 3626.21 करोड़ रुपए (14.4 % की वृद्धि)
  • वास्तुकला विभाग के लिए – 11.18 करोड़ रुपए (10.20 की वृद्धि)

नागरिक उड्डयन –

  • नागरिक उड्डयन विभाग के लिए – 214.10 करोड़ रुपए (51.9% की वृद्धि)

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोध्योगिकी –

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोध्योगिकी विभाग के लिए – 152.75 करोड़ रुपए (33.2 % की वृद्धि)

उद्योग एवं वाणिज्य –

  • उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के लिए – 406.72 करोड़ रुपए

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और वन –

  • पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और वन विभाग के लिए – 13.09 करोड़ रुपए
  • वन विभाग के लिए 415.39 करोड़ रुपए (12.5% की वृद्धि)

खान एवं भूविज्ञान –

  • खान एवं भूविज्ञान के लिए – 101.55 करोड़ रुपए (44.3% की वृद्धि)

शहरी स्थानीय निकाय, नगर एवं ग्राम आयोजना –

  • शहरी स्थानीय निकाय विभाग के लिए – 3994.95 करोड़ रुपए
  • नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के लिए – 1,873.79 करोड़ रुपए (37.4% की वृद्धि)

सूचना, जन संपर्क एवं भाषाएं –

  • सूचना, जन संपर्क एवं भाषाएं विभाग के लिए – 216.96 करोड़ रुपए

गृह विभाग के लिए –

  • गृह विभाग के लिए – 5,150.51 करोड़ रुपए (7.5% की वृद्धि)

पर्यटन और संस्कृति विभाग –

  • पर्यटन और विभाग के लिए – 48.92 करोड़ रुपए
  • संस्कृति विभाग के लिए – 19.14 करोड़ रुपये

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, ग्रामीण विकास व विकास एवं पंचायत विभाग –

  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, ग्रामीण विकास व विकास एवं पंचायत विभाग के लिए – 5194.16 करोड़ रुपए (21.4% की वृद्धि)
  • ग्रामीण विकास के लिए – 816.91 करोड़ रुपए
  • विकास एवं पंचायत विभाग के लिए – 4,377.25 करोड़ रुपए

परिवहन विभाग के लिए –

  • परिवहन विभाग के लिए – 2605 करोड़ रुपए

सैनिक एवं अर्ध-सैनिक कल्याण –

  • सैनिक एवं अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग के लिए – 211.30 करोड़ रुपए (64.0 की वृद्धि)

 


Important Links – 

कैप्टन अभिमन्यु ने द्वारा बजट पर दी गए स्पीच को पढ़ें –

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