सीएम ने की घोषणा ग्रुप डी में चयनित उम्मीदवारों को दूसरी नोकरी के लिए नहीं लेनी होगी एनओसी

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अभी हाल ही में ग्रुप-डी के 18218 पदों पर सरकार अनेक विभागों में उम्मीदवारों का चयन कर चुकी है। इस भर्ती में बीए, एमए, एमकॉम, बीटेक आदि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं की नियुक्ति भी हुई हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ्ने के निर्णय ले, सीएम ने कहाँ की युवा अपनी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ सकें इसलिए उन्हे सरकार से एनओसी (NOC) लेने की कोई आवश्यकता नहीं हैं।

सोमवार, 28 जनवरी को करनाल के पंडित चिरंजी लाल राजकीय स्नात्कोतर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय महरोजगार मेला समारोह के समापन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री युवाओं से मुखातिब हुए। उन्होने जॉब मेला में देश की कई बड़ी कंपनियों में चुने गए 2300 युवाओं को मिल जाने की बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी की चुनौती को स्वीकार करते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए अनेक प्रयास किए हैं, रोजगार मेले भी लगाए हैं। जिसके परिणामस्वरूप साढ़े चार सालों में 55 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दे कर युवाओं को रोजगार मुहिया करवाया हैं। इसके अलावा 1.5 लाख युवाओं की निजि कम्पनियों में प्लेसमैंट करवाई गई। अगले 8 महीनों में इस तरह के 12 और मेले प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे, इनके माध्यम से 30 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार से जोडऩे का लक्ष्य है।

सीएम खट्टर ने बताया कि देश में सरकारी नौकरियों की संख्य सीमित है, सभी को रोजगार नहीं दिया जा सकता। लेकिन इसका ये मतलब नहीं के आप जीवन कुछ हासिल नही कर सकते सरकार ने रोजगार की जरूरत को पूरा करने के लिए पॉलिसी के तहत स्किल डवल्पमेंट को बढावा दिया है। इसी के तहत प्रदेश के पलवल में श्री विश्वकर्मा स्किल डवल्पमेंट एजेंसी की स्थापना की गई है। बीते 1 नवंबर 2018 से इसमें काम शुरू कर 4 कोर्स प्रारम्भ कर दिए गए हैं। प्रतिवर्ष इसमें 12 हजार विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा और स्किल डवल्पमेंट के करीब 800 कोर्स लिए जाएंगे।

इसी प्रकार दूसरा स्कोप उद्योगो को बढावा देने से पूरा होगा। हरियाणा आज उद्योग लगाने के लिए अनुकूल प्रदेश बन गया है और यह इंवेस्टर की पहली पसंद है। प्रदेश में इंवेस्टर समिट का आयोजन भी किया गया था, इसमें भाग लेने वाले 350 उद्योगपतियो में से 145 के एमओयू मेच्योर हो गए हैं, शेष  पाईप लाईन में चल रहे हैं। उद्योग लगाने वालों की क्या-क्या जरूरतें व मांगे हैं, हमारी सरकार उन पर भी काम कर रही है, इसके तहत उन्हे रिहायतें दी जा रही हैं। उन्होने बताया कि उद्योगों की इज़ ऑफ डूईंग में वर्ष 2014 में हरियाणा की 14वीं रैंकिंग थी, 2016 में छटी रैंकिंग हुई और वर्ष 2018 में हमारा प्रदेश तृतीय स्थान पर आ गया है। उन्होने बताया कि प्रदेश में 23 हजार सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों की स्थापना हुई है। इनके माध्यम से डेढ लाख युवको को रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में युवाओं को साक्षात्कार के समय उनके अनुभव के अंक भी दिए जाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत एक साल नौकरी करने पर आधा अंक और दस साल के अनुभव के 5 अंक दिए जाएंगे। सरकार का एक ही लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को अवश्य रोजगार मिले। इसके तहत हाल ही में चतुर्थ श्रेणी में 18 हजार भर्ती किए गए युवाओं में से 12 हजार ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके घर में से एक भी व्यक्ति नौकरी पर नही था। उन्होने युवाओं को जीवन में आगे बढऩे का संदेश देते हुए कहा कि जॉब सीकर बनना तो ठीक है, लेकिन जॉब बैगर ना बने, बल्कि अपने इरादों से कामयाबी के उच्च स्थान को पाकर जॉब गीवर बने।

रोजगार विभाग, हरियाणा के महानिदेशक एवं विशेष सचिव टी.एल. सत्यप्रकाश ने दो दिवसीय महा रोजगार मेले को सफल बताते हुए मुख्यमंत्री तथा नव ज्योति ग्लोबल सोल्यूशन्स प्राईवेट लिमिटेड एमडी गुरशरण खुराना का आभार व्यक्त किया।

इस मेले में 106 कंपनियों ने भाग लिया जिसमें कुल 6500 युवाओं ने आवेदन किया और मोके पर ही 2300 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी दिया।

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