एशियन गेम्स-2018 में नरवाना के मनजीत चहल ने 800 मीटर दौड़ में जीता एतिहासिक गोल्ड

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एशियन गेम्स-2018 के दसवें दिन 28 अगस्त को एथलीट मनजीत चहल ने 800 मीटर दौड़ में गोल्ड मैडल जीत कर क्षेत्र व देश का नाम रोशन किया।

आपकों बता दें की मनजीत चहल हरियाणा के नरवाना के उझाणा गाँव के रहने वाले है| उनके पिता का नाम रणधीर सिंह हैं जो खुद भी एक खिलाड़ी रहे हैं।

जैसे ही मनजीत ने 800 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया पूरा परिवार खुशी से झूम उठा और माता विमला देवी की आंखों में खुशी के आंसू झलक आए। इस मौके पर उनके घर बधाइयाँ देने के लिए काफी भीड़ उमड़ पड़ी|

एशियन गेम्स-2018 में नरवाना के मनजीत चहल ने 800 मीटर दौड़ में जीता एतिहासिक गोल्ड

पिता रणधीर सिंह ने बताया कि मनजीत पिछले 18 सालों से देश के लिए गोल्ड मैडल लाने का सपना देख रहा था। वह साल 2000 से ‘नवदीप स्टेडियम’ नरवाना में एथलीट नर्सरी में लगातार दौड़ का अभ्यास कर रहा था।

मनजीत ने राष्ट्रीय स्तर पर अनेक खेलों में भाग लिया है और अनेक बार मैडल जीते हैं। जो इस प्रकार से है –

  • 2010 में कामनवैल्थ गेम्स में मनजीत ने दौड़ में भाग लिया था और 9वां स्थान पर रहा था।
  • गुवाहाटी में हुए खेलों में हरियाणा के लिए 800 मीटर दौड़ में सिल्वर जीता था। इसके बलबूते पर उसे एशियन गेम्स में मौका मिला।

मनजीत के संघर्ष की कहानी –

मंजीत चहल ने नरवाना से 12वीं करने के बाद बीए की पढ़ाई जालंधर से की। वह साल 2000 से ‘नवदीप स्टेडियम’ नरवाना में एथलीट नर्सरी में लगातार दौड़ का अभ्यास कर रहा था। 2010 में कामनवैल्थ गेम्स में मनजीत ने दौड़ में भाग लिया था और इसमें उन्हे 9वां स्थान हासिल किया |

एशियन गेम्स-2018 में नरवाना के मनजीत चहल ने 800 मीटर दौड़ में जीता एतिहासिक गोल्ड

इससे वह कुछ हताश तो जरूर हुआ था, लेकिन उन्होने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और कड़ी मेहनत के बाद एशियन गेम्स में 36 साल बाद भारत को गोल्ड दिला दिया। साल 2009 में आयोजित हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में मनजीत ने पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद 2010 में पटियाला में हुई सीनियर इंटर स्टेट (Senior Inter State) में तीसरा स्थान हासिल किया, वहीं से उनका चयन दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ (CWG-2010) के लिए हुआ था। इसके बाद मंजीत ने 2010 के दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेते हुए आठ सौ मीटर दौड़ में नौवां स्थान हासिल किया था। जिससे वे काफी हताश हो गए |

लेकिन आज पूरा देश उन पर गर्व कर रहा है| उन्होने अपनी कठिन मेहनत के बल पर एशियन गेम्स-2018 में 800 मीटर दौड़ में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत कर देश और प्रदेश का नाम रौशन किया है|

जींद के डीसी ने दी बधाई –

मनजीत की जीत पर डी.सी. जींद अमित खत्री ने उन्हें बधाई दी और कहा कि यह गर्व की बात है कि नरवाना जैसे छोटे से कस्बे से एक खिलाड़ी ने एशियाड में गोल्ड मैडल जीता है।

उन्होंने कहा कि नरवाना खेल के क्षेत्र में हब रहा है। सरकार ने नवदीप स्टेडियम नरवाना में सिंथैटिक ट्रैक बनाने का जो निर्णय लिया है उससे उन्हें उम्मीद है कि नरवाना क्षेत्र  से अन्य खिलाडिय़ों की प्रतिभा भी उभर कर सामने आएगी। एस.डी.एम. नरवाना डा. किरण सिंह ने भी मनजीत चहल के गोल्ड मैडल जीतने पर उन्हें बधाई दी।

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