HSSC ने किया भारत भूषण भारती का निलंबन रद्द, संभालेंगे चार्ज

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HSSC ने किया भारत भूषण भारती का निलंबन रद्द, संभालेंगे चार्ज – 

हरियाणा स्टाफ सैलेक्शन कमीशन (HSSC) के पूर्व चेयरमैन भारत भूषण भारती का  निलंबन रद्द कर उन्हे पुन: एचएसएससी के चेयरमैन पद की ज़िम्मेदारी दे दी गई है| रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह की जांच रिपोर्ट के बाद भारत भूषण भारती का निलंबन रद्द कर दिया है।HSSC ने किया भारत भूषण भारती का निलंबन रद्द, संभालेंगे चार्ज

भारत भूषण भारती को क्यों पद से निलंबित किया गया –

भारत भूषण भारती को ब्राह्णमणों पर विवादास्पद सवाल प्रश्न पत्र में आने के बाद हटाया गया था |

10 अप्रैल को हुडा (HUDA) के जेई की परीक्षा HSSC द्वारा आयोजित की गई| इस परीक्षा के मोर्निंग सेशन के पेपर में Question Number 75 में ब्राह्मणों के लिए विवादित सवाल पूछा गया था।

Question –
निम्नलिखिति में से कौनसा अपशकुन नहीं माना गया है ?
A. खाली घड़ा
B. फ्यूल भरा कास्केट
C. काले ब्राह्मण से मिलना
D. ब्राह्मण कन्या को देखना

इसके अलावा ब्राह्मणों के सवाल के अलावा भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर भी विवाद चल रहा था जिसके बाद हरियाणा सरकार और राज्यपाल ने चेयरमैन भारती को पद से निलंबित कर दिया था।

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भारत भूषण भारती के निलंबित होने के बाद यह ज़िम्मेदारी किसने संभाली –

हरियाणा सरकार ने जांच के दौरान भारत भूषण भारती को पद से हटा दिया, और उनकी जगह पर IAS दिप्ती उमाशंकर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

भारत भूषण भारती ने किया था खेद व्यक्त 

HSSC ने इस प्रश्न को वापस लेने का फैसला लिया गया और इस संबंध में यदि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो इसके लिए खेद व्यक्त भी किया |HSSC ने किया भारत भूषण भारती का निलंबन रद्द, संभालेंगे चार्ज

क्या था राजनीतिक विवाद ?

इस सवाल को लेकर राजनीतिक विवाद भी बढ़ रहा है, कांग्रेस और बीजेपी नेता आपस में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। जवाहर यादव के मुताबिक जिस किताब से जाति आधारित सवाल पूछा गया है वो किताब साल 2012 में छपी थी और तब राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकार की थी। यादव ने कहा कि जिस किताब से यह सवाल लिया गया है उसमें सिर्फ ब्राह्मण ही नही, इनके अलावा दूध (यादव, जाट,  गुज्जर) के काम से जुड़े लोगों के लिए भी अभद्र टिप्पणी थी। हमारी सरकार ने संज्ञान में आते ही ऐसे संभी संदर्भ सरकारी परीक्षाओं से दूर करने का आदेश दिया है। इससे पहले भी अटल सरकार के दौरान पाठ्य पुस्तकों से शहीद भगत सिंह को आतंकवादी बताने और जाटों के लिए इस्तेमाल आपत्तिजनक टिप्पणी को हटवाया गया था। हम आंख मूंदकर नहीं बैठते, ना ही इस बहस को प्राथमिकता देते कि गलती किसकी है। लेकिन कांग्रेस इससे उल्टा करती है और बार-बार फजीहत करवाती है।

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