न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त

0
267

02 मई 2018 को न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी,  पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab & Haryana High Court) के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किये गये। पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Judge) पद के लिए उनके नाम पर मोहर लगा दी गई है और जल्द ही इसकी औपचारिक अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नाम की सिफारिश पिछले महीने उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने की थी।न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त

न्यायमूर्ति एसजे वजीफदार (SJ Wajifdar) की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति अजय कुमार मित्तल (AK Mittal) को हाल में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।

हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने 2 जून 2018 को राजभवन में एक समारोह में कृष्ण मुरारी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनोर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके कुछ मंत्रिमंडल सहयोगी, हरियाणा उच्च न्यायालय के वर्ततान और सेवानिवृत्त जज तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच रॉय का केरल उच्च न्यायालय में स्थानांतरण कर दिया गया क्योंकि वह केरल उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं, उन्हें न्यायमूर्ति एंटनी डोमिनिक की सेवानिवृत्ति के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का प्रभार संभालने के लिए कहा गया है।

न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी  नियुक्ति के पीछे कारण यह है कि जब Punjab-Haryana High-Court में न्यायाधीशों की गंभीर रूप से कमी चल रही है।   पंजाब और हरियाणा (Punjab & Haryana High Court) में जजों की स्वीकृत संख्या 85 है लेकिन वर्तमान में यह मुख्य न्यायाधीश समेत जजों की संख्या 50 ही है । इस कमी के चलते  3- 36 लाख मामले अटके हुएं हैं और  फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी से संबन्धित कुछ जानकारीयां –

  • न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी वकीलों के परिवार से संबंध रखते हैं।
  • वे अपनी ईमानदारी, कड़ी मेहनत, समर्पण के लिए जाने जाते हैं।
  • न्यायमूर्ति मुरारी 2004 में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए थे।
  • उन्होंने 2005 को एक स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
  • उनके चाचा GN वर्मा वरिष्ठ वकील थे।वे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव और अध्यक्ष भी रहे |

Leave a Reply