हरियाणा सरकार शुरू करेगी श्रमिकों के बच्चों की निर्बाध पढ़ाई के ‘जीरो ड्रॉप आऊट’ अभियान

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12 जून 2018 को चंडीगढ़ में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “विश्व बाल श्रम निरोधी दिवस” पर आयोजित ‘बचपन बचाओ’ कार्यक्रम में हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री (Labour and Employment Minister) नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा की कि श्रमिकों के बच्चों की निर्बाध पढ़ाई के लिए ‘जीरो ड्रॉप आऊट’ नियम अभियान चलाया जाएगा, ताकि श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई व्यवधान उत्पन्न न होहरियाणा सरकार शुरू करेगी श्रमिकों के बच्चों की निर्बाध पढ़ाई के ‘जीरो ड्रॉप आऊट’ अभियान

इसी के साथ उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के ईट-भट्टों, होटलों, ढाबों, दुकानों, घरों आदि किसी भी जगह में काम करने वाले बाल मजदूरों के स्वामियों को पहले समझाया जाए अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

हरियाणा में बच्चों के संरक्षण के लिए प्रदेश में 69 बाल देखभाल गृह है, जहां अनाथ – लावारिस बच्चों का भी संरक्षण किया जाता है|

याद रखने योग्य – हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग कि अध्यक्ष – ज्योति बैंदा |

इस दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी ने एक नए नारे ‘बच्चा पढ़ेगा, देश बढ़ेगा’ का आगाज करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने श्रमिक बच्चों की शिक्षा के लिए अनेक योजनाओं की शुरूआत की है।

इसके तहत राज्य के मजदूरों को उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में एक सफल नागरिक बन सके। सरकार द्वारा श्रमिक के बच्चों को पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता दी जाती है, जो इस प्रकार से है –

  • कक्षा 1 से 8 तक – 8 हजार रुपये
  • कक्षा 9 से 12 तक – 10 हजार रुपये
  • कक्षा 12 से स्नातक तक – 15 हजार
  • कक्षा स्नातक से ऊपर – 20 हजार |

इसी प्रकार कक्षा 10 वीं या 12 वीं में किसी श्रमिक बच्चे के 90 प्रतिशत या अधिक अंक आने पर 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को पंजीकरण करवाने के लिए सरकार विशेष अभियान चलाएगी ताकि उन्हें पूरी तरह से विभाग की योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अब 21 हजार रुपये मासिक तक वेतन प्राप्त करने वाले लोगों को विभाग में पंजीकृत करवाया जा सकेगा।

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