HAU करेगी शिटाके मशरूम का उत्पादन जो लड़ेगा कैंसर और एड्स से

0
13

आज हरियाणा हर एक क्षेत्र में आगे है, चाहे वह क्षेत्र खेल हो, खेती हो, विज्ञान या खूबसूरती हो| हरियाणा हर एक क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है| कभी हरियाणा को पिछड़ा समझा जाता था | लेकिन अब ऐसा नही है|

अभी हाल ही में Haryana Agriculture University (HAU) के विशेषज्ञों ने शिटाके मशरूम की एक ऐसी प्रजाति उगाई है, जो कि कैंसर और एड्स (AIDS) जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ेगी।HAU करेगी शिटाके मशरूम का उत्पादन जो लड़ेगा कैंसर और एड्स से

HAU व हरियाणा के किसानों द्वारा शिटाके मशरूम का सस्ता उत्पादन शुरू किया गया है, जो कि कैंसर और एड्स से पीड़ित लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।

इस मशरूम कैंसर की दवा में प्रयोग होने वाला लैंटिनन प्राप्त होता है। शिटाके मशरूम रिच एंटीऑक्सीडेंट (Rich Anti-Oxidant) का स्रोत होने के कारण ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। जिससे एड्स और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने और रोकने में मदद मिलती है।

आम तौर पर शिटाके मशरूम 6 -9 महीने में तैयार होता है, जिसे HAU के  विशेषज्ञों ने सिर्फ 90 दिनों में आसन तरीके से तैयार किया है। HAU ने इस मसरूम का उत्पादन सस्ती और आसान तकनीक से करने के पीछे यह कारण बताया है  ताकि हरियाणा के किसान कम लागत में भी इसका उत्पादन कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकें।

बता दें कि इस मशरूम की काफी डिमांड है। जिसे हिमाचल पूरी कर रहा है, क्योंकि ये मशरूम ठंडे इलाकों में पैदा होती है। हरियाणा में किसान सर्दियों में इसे लगा सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here