भारत की कृषि से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की सूची

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भारत सदा से ही कृषि प्रधान देश रहा है | भारत में कृषि सिंधु घाटी सभ्यता के दौर से की जाती रही है। यहाँ की आधे से ज्यादा आबादी कृषि कार्य से जुड़ी हुई है | भारत की अर्थव्यवस्थता कृषि पर निर्भर करती है, इसलिए कृषि को भारत की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है | देश में समय समय जो विभिन्न पंचवर्षीय योजनाए, विभिन्न कार्यक्रम चलाये जाते है जिससे की लोगों ज्यादा से ज्यादा कृषि से जुड़े, यही वजह है की कृषि को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थता में गरिमापूर्ण स्थान मिला है |

भारतीय कृषि यहाँ की अर्थव्यवस्था, मानव-बसाव तथा यहाँ के सामाजिक-सांस्कृतिक ढांचे एवं स्वरूप की आज भी आधारशिला बनी हुई है। देश की लगभग 64 प्रतिशत जनसंख्या की कृषि-कार्यो में लगी हुयी है | कुल राष्ट्रीय आय के लगभग 27.4 प्रतिशत भाग के स्रोत के रूप में कृषि का महत्त्वपूर्ण योगदान है। देश के कुल निर्यात में कृषि का योगदान 18 प्रतिशत है।

भारत की प्रमुख फसलें व उत्पादक राज्य

इस पोस्ट में भारत की कृषि से संबन्धित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है| दी गई जानकारी आपकी नॉलेज को बढ़ाने में मदद करेंगी |

भारत की कृषि से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की सूची 

  1. भारत के कुल क्षेत्रफल के लगभग 51 फीसदी भाग पर कृषि कार्य होता है, 4 फ़ीसदी पर चरागाह, लगभग 21 फीसदी पर वन और 24 फीसदी बंजर और बिना उपयोग की भूमि है।
  2. देश की कुल श्रम शक्ति का लगभग 52 फीसदी भाग कृषि और इससे सम्बंधित उद्योग और धंधों से अपनी आजीविका चलता है।
  3. 2004-2005 में भारत के निर्यात में कृषि और सम्बंधित वस्तुओं का अनुपात लगभग 40 फीसदी रहा।
  4. विश्व में चावल के उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है।
  5. भारत में खाद्यान्नों के अंतर्गत आने वाले कुल क्षेत्र के करीब 47 फीसदी भाग पर चावल की खेती की जाती है।
  6. विश्व में गेंहू उत्पादनमें चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है। देश की कुल कृषि योग्य जमीन के लगभग 15 फीसदी भाग पर गेंहू की खेती की जाती है।
  7. देश में गेंहू के उत्पादन मेंउत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान पर है, जबकि प्रति हेक्टेयर उत्पादन में पंजाब प्रथम स्थान पर है।
  8. हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव गेंहू और चावल की कृषि पर पड़ा है, परंतु चावल की तुलना गेंहू के उत्पादन में अधिक वृद्धि हुई।
  9. भारत में हरित क्रांति लाने का श्रेय डॉक्टर एम. एस. स्वामीनाथन को जाता है। भारत में हरित क्रांति की शुरुआत 1967-1968 में हुई।
  10. प्रथम हरित क्रांति के बाद 1983-1984 में द्वितीय हरित क्रांति की शुरुआत हुई, जिसमें अधिक अनाज उत्पादन, निवेश और किसानों को दी जाने वाली सेवाओं का विस्तार हुआ।
  11. तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन की स्थापना 1986 में हुई।
  12. भारत विश्व में उर्वरक (फर्टिलाइजर) का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है।
  13. पोटाशियम फर्टिलाइजर का पूरी तरह आयात किया जाता है।
  14. आम, केला, चीकू, खट्टे नींबू, काजू, नारियल, काली मिर्च, हल्दी के उत्पादन में भारत का स्थान पहला है।
  15. फलों और सब्जियों के उत्पादन में भारत का स्थान दुनिया में दूसरा है।

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