हरियाणा भावान्तर भरपाई योजना के बारें में जाने

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भावांतर भरपाई योजना की शुभारंभ 30 दिसंबर 2017 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल जिले के गांगर गाँव से किया और  1 जनवरी 2018 से इसे पूरे राज्य में लागू करने की घोषणा की |  इस योजना का उद्देश्य, राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों के लिए फसलों की कीमत के नुकसान की भरपाई करना है। यह मुआवजा उन किसानों को प्रदान किया जाएगा जो अपनी सब्जियों को निश्चित मूल्य से कम मूल्य पर बेचते हैं।

हरियाणा भावान्तर भरपाई योजना के बारे में जाने –

हरियाणा भावान्तर भरपाई योजना प्रारंभिक चरण में, राज्य सरकार 4 फसलों आलू,प्याज,टमाटर और फूलगोभी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करेगी | इस योजना को शुरू करने के बाद राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को अपनी फसल की बिक्री करते समय किसी भी मुसीबत का सामना ना करना पड़े। राज्य सरकार खेती की लागत के बराबर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय करेगी। राज्य सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए इस योजना को शुरू करने जा रही है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने पर किसानों को अपनी सब्जियां कम कीमत पर नहीं बेचनी पड़ेगी। यदि किसान ऐसा करते है, तो राज्य सरकार मुआवजे (क्षतिपूर्ति) देकर घाटे को बराबर करेगी।

राज्य सरकार कुल खेती योग्य क्षेत्र का 25% बागवानी के तहत लाने पर विशेष रूप से जोर दे रही है। इस प्रयोजन के लिए, हरियाणा सरकार गानौर और सोनीपत में 500 एकड़ के आसपास का एक अंतरराष्ट्रीय वनस्पति और फलों का बाजार स्थापित करेगी।

हरियाणा भावान्तर भरपाई योजना ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया

इस योजना के लिए किसान को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट http://agriharyana.in/ पर जाना होगा। इसके बाद, होमपेज के दाईं ओर दिए गए “रजिस्टर किसान” विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मांगी गई जानकारीयां फॉर्म में डाले और पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करें |

आवश्यक दस्तावेज़

आधार कार्ड, पेन कार्ड, मतदाता कार्ड, मोबाइल नंबर

फिर, एक ऑनलाइन पंजीकरण फ़ॉर्म आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा।

हरियाणा भावान्तर भरपाई योजना के बारें में जाने

महत्वपूर्ण तिथियाँ

फसलों के लिए लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को तालिका में दी गई तिथियों के अनुसार पंजीकरण की आवश्यकता है।

फसल का नाम पंजीकरण दिनांक
टमाटर 15 दिसंबर और 15 फरवरी के बीच
प्याज 20 दिसम्बर और 15 फरवरी के बीच
आलू 10 अक्टूबर और 30 नवंबर के बीच
फूलगोभी 10 अक्टूबर और 30 नवंबर के बीच

 

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