फ़तेहाबाद के बारें में विस्तृत जानकारी

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फ़तेहाबाद हरियाणा का एक एतिहासिक महत्व का जिला है, इसकी स्थापना 15 जुलाई, 1997 को हिसार से अलग कर के एक नए जिले के रूप में स्थापित किया गया | फ़तेहाबाद का अस्तित्व सम्राट अशोक के शासन काल में हुआ था | फतेहाबाद पर 29.52 ° उत्तरी अक्षांश और 75.45° पूर्वी देशान्तर पर स्थित है। इसकी औसत ऊँचाई 162 मीटर है| यह हरियाणा के पश्चिम में स्थित है, फ़तेहाबाद के पूर्व में जींद, दक्षिण में हिसार, पश्चिम में सिरसा और उत्तर में पंजाब का मानसा जिला स्थित है | इसके दक्षिण में राजस्थान राज्य भी लगता है |

फ़तेहाबाद के बारें में विस्तृत जानकारी

क्षेत्रफल 2,538 वर्ग किलोमीटर
स्थापना 15 जुलाई 1997
घनत्व 371 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
मुख्यालय फ़तेहाबाद
जनसंख्या 942011 (2011)
लिंग अनुपात 902
विकास दर 16.85%
साक्षारता 67.92%
प्रमुख बोली जाने वाली भाषाए हरियाणवी, हिन्दी, पंजाबी
तहसीले फ़तेहाबाद, टोहाना, रतिया
खंड फ़तेहाबाद, टोहाना, रतिया, भुना, भट्टुकला, जाखल
उपमंडल फ़तेहाबाद, टोहाना, रतिया
उपतहसील भुना, भट्टुकलां, कुलां, जाखल
प्रमुख फसलें गेहूं, बाजरा, चावल, तिलहन, कपास
प्रमुख उद्योग सूती धागा
लोकसभा क्षेत्र सिरसा
विधानसभा क्षेत्र फतेहाबाद, रतिया, टोहाना

 

इतिहास –
यह माना जाता है कि फ़तेहाबाद का अस्तित्व सम्राट अशोक के काल से है| प्राचीन समय में फिरोजशाह तुगलक का काफ़िला मुल्तान सिरसा मार्ग से होते हुए दिल्ली जा रहा था वे कुछ समय के लिए यहा रुके और इसी बीच 23 अगस्त, 1351 में फिरोज़शाह तुगलक के घर पुत्र ने जन्म लिया| पुत्र जन्म कि खुशी और अपनी फ़तह कि खुशी के लिए उन्होने यहा एक नगर बसाया, जिसका नाम फ़तेहाबाद रखा गया, इसी दौरान उन्होने अपने पुत्र का नाम भी फ़तह खाँ रखा|

प्राचीन समय में इस क्षेत्र में भील जाती के लोग रहते थे और यह क्षेत्र उदयानगरी के नाम से जाना जाता था | 17 नवंबर, 1398 ईस्वी में प्रसिद्ध आक्रमनकारी तैमूरलंग ने यहा कत्लेआम किया था |

फ़तेहाबाद पहले, रानिया रियासत का हिस्सा था परंतु सन 1784 के बाद खान बहादुर खाँ भट्टी ने फ़तेहाबाद को मुखयालय बना कर फ़तेहाबाद की नई रियासत के रूप मे स्थापना की थी | हांसी के तत्कालीन अधिकारी मिर्जा इलियास बेग ने सन 1805 मे फ़तेहाबाद पर आक्रमण किया और 3 दिसंबर सन 1810 को कर्नल एडम ने फिर फ़तेहाबाद पर हमला किया और इस बार अंग्रेज़ भट्टियों को हराने में कामयाब हो गए और फ़तेहाबाद को हिसार में मिला दिया गया |

उस समय फ़तेहाबाद में मुसलमानो के द्वारा चमड़े से बनाए जाने वाले कुप्पे के पलड़े, मश्क़, कुए से पानी खीचने वाली चड़स की समूचे उत्तरी भारत में मांग थी |  फ़तेहाबाद में प्रथम कॉटन मिल की स्थापना सन 1963 में हुई |

शिक्षा –
फ़तेहाबाद शिक्षा कि दृष्टि से एक समृद्ध जिला है | फ़तेहाबाद में साक्षारता दर 67.92% है | फ़तेहाबाद में कई शिक्षण संस्थान है| चौ. मणिराम गोडरा शासकीय कन्या कॉलेज भोदरा खेरा, शासकीय कन्या कॉलेज रतिया, शासकीय कॉलेज भट्टू कलां, आईजी शासकीय पीजी कॉलेज तोहाना, केटी शासकीय कॉलेज रतिया, एमएम कॉलेज फतेहाबाद आदि

उद्योग और व्यापार –
फ़तेहाबाद में ज़्यादातर सूती उद्योग के कारखाने है | फ़तेहाबाद में प्रथम कॉटन मिल की स्थापना सन 1963 में हुई |

यातायात और परिवहन –
फ़तेहाबाद में सड़कों का जाल सा बिछा हुआ है | यहां परिवहन बहुत ही सुगम है | नेशनल हाइवे 10 हरियाणा के फ़रीदाबाद से जुड़ा हुआ है | यह सीधे भारत की राजधानी दिल्ली से जुड़ा हुआ है | यहां से आसानी से दिल्ली, राजस्थान, पंजाब आदि अन्य राज्यो में सीधे बस सुविधा उपलब्ध है |

कृषि और खनिज प्रमुख नदियां –
फ़तेहाबाद में मुख्य रूप से गेहूं, बाजरा, चावल, तिलहन, कपास आदि की खेती की जाती है | घग्घर यहां की प्रमुख नदी है | फ़तेहाबाद के टोहाना तहसील से 5 नदियां गुजरती है जिससे इस क्षेत्र में खूब सिंचाई होती है और यहां खेती बहुत अच्छी होती है | केला और सेब के उत्पादन में फ़तेहाबाद हरियाणा में प्रथम स्थान पर है |

पर्यटन स्थल –

फ़तेहाबाद अपने एटिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है | यहा अनेक प्रयटन स्थल भी मौजूद है जो इस प्रकार से है –

फ़तेहाबाद का किला और लाट

फिरोज़शाह तुगलक ने अपने पुत्र के जन्म की खुशी में, यह नगर बसाया था और इसकी सुरक्षा के लिए एक विशाल किले और सुरंगो का निर्माण किया था | यहां एक गोलाकार स्तम्भ भी है |

फ़तेहाबाद की मस्जिद –
हुमायूँ, शेरशाह सूरी से पराजित होकर व अपनी जान बचाने के लिए फ़तेहाबाद और सिरसा मार्ग से अमरकोट जा रहा था, शुक्रवार को उन्होने अपनी जान की रक्षा के लिए यहा इबादत की थी |

मीरशाह मजार-

सूफी संत मीरशाह (बाबा शाह खान) की मजार है। इस मजार के प्रांगण में एक पत्थर है जिस पर बादशाह हुमायूँ का अभिलेख भी लिखा हुआ है |

टोहाना –

  • टोहाना, फ़रीदाबाद की एक प्रमुखतहसील है | यह अपने इतिहासिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है | यहां एक एटिहासिक किला है जिस पर 38 बार विदेशी आक्रमण हुए | इसी से इसकी महत्वता और आवश्यकता का अनुमान लगाया जा सकता है |
  • सिंधु सभ्यता काल में टोहाना एक विकसित नगर रहा है सरस्वती के किनारे बसे इस नगर की चर्चा अष्टाध्याई के प्रसिद्ध व्याकरणशास्त्री पाणिनी ने की थी |
  • सन 1398, में तैमूरलंग के आक्रमण के दौरान टोहाना के लोगो ने उसकी नाको चने चबवाये थे |
  • 1752 से लेकर 1798 तक टोहाना फ़तेहाबाद रियासत को हिस्सा था | 1798 में जॉर्ज थॉमस ने अपने कब्जे में कर लिया था और 1803 में अंग्रेजो ने इस पर अपना शासन लागू कर दिया |
  • 639 ईस्वी में व्हेंसांग में यहा आए और उन्होने इसकी प्रशंसा की |
  • 1970 में इंदिरा गांधी राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई |
  • पाँच नदियो के निकलने के कारण टोहाना को नदियों का नगर भी कहा जाता है |
  • सन 1890 में टोहाना को रेल से जोड़ा गया था |

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