अंबाला के बारें में विस्तृत जानकारी

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अंबाला हरियाणा का एक मुख्य एवं ऐतिहासिक शहर है , देश की राजधानी दिल्ली से यह 200 किलोमीटर दूर शेरशाह सूरी मार्ग 1 पर स्थित है | यह पंजाब और हरियाणा की सीमा पर स्थित है | अंबाला में एक छावनी है जो देश के प्रमुख सैन्य आगार है | पर्यटन के क्षेत्र में भी अंबाला का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है | इस जिले के दक्षिण में ज़िला कुरुक्षेत्र है और पूर्व में औद्योगिक नगर यमुनानगर है और पश्चिम में पंजाब का पटियाला स्थित है। उत्तर में अरावली की पहाड़ियां और पंचकूला जिला स्थित है। यह जिला राज्य तथा देश की राजधानी के राष्ट्रीय राजमार्ग 1 से जुड़ा हुआ है।

क्षेत्रफल 1574 वर्ग किलो मीटर
स्थापना 1 नवंबर 1966
घनत्व 772 वर्ग किलो मीटर
जनसंख्या 1128350 ( 2011 की जनगणना के अनुसार)
लिंग अनुपात 1000-885
विकास दर 11.23%
साक्षारता 81.75%
प्रमुख बोली जाने वाली भाषाए पंजाबी और हिन्दी
तहसीले अंबाला, बरारा, नारायणगढ़
लोकसभा क्षेत्र अंबाला
विधानसभा क्षेत्र अंबाला केंट, अंबाला शहर, मुलाना-एएसी , नारायणगढ़

 

इतिहास –
अंबाला की स्थापना 14 वी शताब्दी में हुई थी, यह माना जाता है की इसकी स्थापना अम्बा नमक राजपूत ने की थी | अंबाला के नाम और इतिहास को लेकर कई बाते प्रचलित है जो इस प्रकार से है –

  1. कुछ लोगो की धारणा है की अंबाला का नाम “अम्बा भवानी” के नाम पर रखा गया है, अम्बा भवानी का मंदिर भी यहा स्थित है |
  2. अन्य धारणाओ के अनुसार यह भी माना गया है की इस नगर में आम की पैदावार बहुत होती थी इसी लिए इसे अम्बावाला कहा जाता था, जो बाद में अंबाला बन गया |

मध्यकल के दौरान आर्यों ने अंबाला को स्थायी निवास बनाया था, सरूढ़ाना स्थान जो की अंबाला की निकटवरती है देश की राजधानी रहा है | बादशाह अकबर के शासन-काल में अंबाला, दिल्ली सुबे की सरहिंद सरकार का एक छोटा सा परगना हुआ करता था। नगर अंबाला एक रियासति मुख्यालय था। ईस रियासत की स्थापना संगतसिंह ने सन 1763 में की थी।

सन 1842 में, अंबाला को शिमला के अधीन किया गया था। सन 1843 में करनाल से यहाँ  छावनी लाई गई। जनवरी 1860 में वायसराय केनिंग ने यहां पर दरबार लगाया,  तभी से यहां डाक सेवा की सुविधा शुरू हुई थी। दिल्ली और ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला के रास्ते होने के कारण सन  1880 में अंबाला को रेलवे लाइन से जोड़ा गया था।

सन 1847 में अंग्रेजों के शासनकाल में अंबाला का जिले के रूप में का गठन हुआ था, और इस समय इसकी 6 तहसीलें क्रमश: अंबाला, जगाधरी, रोपड़, खरड, नारायणगढ़ और नालागढ़ बनाई गई थी।
नालागढ तहसील का हिमाचल प्रदेश में विलय कर दिया गया। अंबाला छावनी में तैनात हिंदुस्तानी सैनिकों ने 10 मई 1857 को विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया था।

सन 1959 में पंजाब प्रशासन के द्वारा बनाए गए जिले एवं मंडल का मुख्यालय बनने के कारण अंबाला प्रसिद्ध हो गया। 1 नवंबर 1989 को अंबाला जिले से जगाधरी उप-मंडल को अलग कर दिया गया।

शिक्षा –

अंबाला एक शिक्षित शहर है , अंबाला में साक्षारता दर 81.75% है | अंबाला में बहुत से प्रमुख शिक्षण संस्थान है |

अम्‍बाला छावनी में एस डी कॉलेज, आर्य कन्‍या महाविद्यालय, गांधी मैमोरियल कॉलेज तथा राजकीय महाविद्यालय स्थित हैं। एस डी कॉलेज में कार्यालय प्रबंधन के अध्‍यापन की व्‍यवस्‍था बी ए, बी कॉम तथा डिप्‍लोमा स्‍तर पर उपलब्‍ध है। इस विषय के अध्‍यापन की सुविधा मात्र एस डी कॉलेज, अम्‍बाला छावनी में ही है। इस का पूरा नाम सनातन धर्म कॉलेज हैं।

संस्कृत के गहन अध्ययन के लिये अम्‍बाला छावनी में श्री दीवान कृष्ण किशोर सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय भी विद्यमान है।

अम्‍बाला शहर में एम डी एस डी गर्ल्‍ज कॉलेज, डी ए वी कॉलेज तथा आत्‍मा नन्‍द जैन कॉलेज स्थित हैं।

अम्बाला शहर में श्री आत्मानन्द जैन सीनियर सेकेन्डरी स्कूल, श्री आत्मानन्द जैन सीनियर मॉडल स्कूल, श्री आत्मानन्द जैन विजय वल्लभ स्कूल, गगा राम् सनातन धर्म स्कूल, एन एन एम डी स्कूल, डी ए वी पब्लिक स्कूल, पी के आर जैन स्कूल, चमन वाटिका, आर्य समाज् सीनियर सेकेन्डरी स्कूल, स्प्रिन्ग्फ़ील्ड स्कूल और भी कई स्कूल हैं। अम्बाला शहर में दो राजकीय बहुतकनीकि सन्सथान है। अम्बाला से २० मील दूर मुलाना में एम एम विश्वविधालय है। जहा विश्व स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है।

उद्योग और व्यापार –
अंबाला एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक शहर है। मिक्सी उद्योग और वैज्ञानिक उपकरणों के बल पर भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर अंबाला का एक विशेष स्थान आज भी कायम है। वैज्ञानिक उपकरणों, सिलाई मशीनों, मिश्रण यंत्रों (मिक्सर) और मशीनी औज़रों के निर्माण तथा कपास की ओटाई, आटा मिलों व हथकरघा उद्योग की दृष्टि से अंबाला छावनी व शहर, दोनों उल्लेखनीय हैं। एक महत्त्वपूर्ण कृषि मंडी होने के साथ अंबाला में एक सरकारी धातु कार्यशाला भी है।

अंबाला मिक्सी ग्राइंडर, वैज्ञानिक उपकरण और इंजीनियरिंग संबंधी उपकरणों का बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए एक औद्योगिक नगर के रूप में भी जाना जाता है।

यातायात और परिवहन –

अंबाला शहर सड़क और रेलमार्ग द्वारा अमृतसर और दिल्ली से जुड़ा हुआ है। शहर से संलग्न अंबाला छावनी में रेलों के एक बड़े जंक्शन के साथ एक हवाई अड्डा भी है। इसके साथ ही यह भारत की सबसे बड़ी छावनियों में से एक है।

कृषि और खनिज प्रमुख नदियां –

अंबाला में और इसके आस-पास के इलाको में मुख्य रूप से आमों की खेती की जाती है, अंबाला के आम राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही प्रसिद्ध है, इसके साथ साथ यहा चावल, गेंहू, फलो आदि की खूब पैदावार होती है ,

यहां की प्रमुख नदिया – तंगरी, मारकंडा, घग्घर है |

पर्यटन स्थल –

अंबाला हरियाणा में पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थान है | अंबाला शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में अंबिका देवी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि द्वापर युग में कौरवों और पांडवों के समय अंबा, अंबिका और अंबालिका की याद में मां भवानी का यह मंदिर बनवाया गया था। इसके अलावा अंबाला अपने धार्मिक तीर्थस्थलों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इन स्थलों में मन्दिर, गुरुद्वारे, चर्च और दरगाह-मस्जिदें प्रमुख हैं।

अंबाला के प्रमुख मंदिर और गुरुद्वारे –

  • बादशाही बाग़ गुरुद्वारा
  • शीशगंज गुरुद्वारा
  • मंजी साहिब गुरुद्वारा
  • संगत साहिब गुरुद्वारा

सिक्ख गुरुओं गुरु गोविंद सिंह, गुरु तेगबहादुर सिंह और गुरु हरगोविंद सिंह का भी इन गुरुद्वारों से संबंध रहा है।

गुरुद्वारों के अलावा यहाँ का लखीशाह, तैक्वाल शाह और सेंट पॉल चर्च भी पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं। इस चर्च का निर्माण जनवरी 1857 मे हुआ था, जो भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान 1965 में नष्ट हो गया था। चर्च के पास ही एक क़ब्रिस्तान भी है।

अंबाला कैंट में स्थित पटेल पार्क और अंबाला शहर का सिटी पार्क भी पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थल है, इन बगीचों के पास बुरिया में रंगमहल भी है। यह महल बहुत ख़ूबसूरत है। इस महल की आर्क, स्तम्भ और नक़्क़ाशी पर्यटकों को बहुत पसंद आती है। इसका निर्माण शाहजहाँ के शासनकाल में किया गया था।

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